विदेश में जेब कटने पर क्या करें - पूरी गाइड

सबसे पहले शांत रहें और तुरंत स्थानीय पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाएं। अपने कार्ड्स को तुरंत ब्लॉक करें और भारतीय दूतावास से संपर्क करें। 24 घंटे के अंदर सभी जरूरी काम निपटाना होगा।

  1. तुरंत सुरक्षित जगह पहुंचें. भीड़भाड़ वाली जगह से हटकर किसी कैफे, होटल या दुकान के अंदर जाएं। अपनी बची हुई चीजों की जांच करें कि क्या गया है क्या बचा है।
  2. पुलिस रिपोर्ट करें. स्थानीय पुलिस स्टेशन जाकर FIR दर्ज करवाएं। अगर भाषा की दिक्कत हो तो गूगल ट्रांसलेट का इस्तेमाल करें। रिपोर्ट की कॉपी जरूर लें - बीमा क्लेम के लिए चाहिए होगी।
  3. बैंक कार्ड्स ब्लॉक करें. डेबिट और क्रेडिट कार्ड की कस्टमर केयर पर फोन करके तुरंत ब्लॉक करवाएं। SBI: +91-1800-1234, HDFC: +91-1800-2600, ICICI: +91-124-2299999। अपने अकाउंट का स्टेटमेंट चेक करें।
  4. भारतीय दूतावास से संपर्क करें. उस देश के इंडियन एम्बेसी या कंसुलेट का नंबर गूगल करके कॉल करें। अगर पासपोर्ट भी गया है तो इमरजेंसी सर्टिफिकेट के लिए अप्लाई करें। फीस ₹3000-5000 होगी।
  5. बीमा कंपनी को इन्फॉर्म करें. ट्रेवल इंश्योरेंस कंपनी को 24 घंटे के अंदर कॉल करें। पुलिस रिपोर्ट, मेडिकल रिपोर्ट (अगर चोट लगी है) और खर्च की रसीदें सभी save करके रखें।
  6. इमरजेंसी पैसे का इंतजाम करें. घर से वेस्टर्न यूनियन या मनीग्राम से पैसे मंगवाएं। या फिर किसी दोस्त के कार्ड से ATM से निकालें। इंडियन एम्बेसी से भी इमरजेंसी लोन मिल सकता है।
अगर फोन भी चोरी हो गया है तो कैसे बैंक को कॉल करूं?
होटल के रिसेप्शन से या इंटरनेट कैफे से कॉल करें। व्हाट्सऐप वेब का इस्तेमाल करके घरवालों से कॉन्टैक्ट करें। एम्बेसी भी फोन सुविधा देती है।
बीमा कंपनी पैसे वापस करेगी कि नहीं?
पुलिस रिपोर्ट और सभी रसीदें होने पर हां। लेकिन कैश के लिए सिमित कवर होता है - आमतौर पर ₹10000-50000। कार्ड मिसयूज़ का फुल कवर मिलता है।
क्या एम्बेसी से फ्री में मदद मिलेगी?
बेसिक गाइडेंस फ्री है लेकिन इमरजेंसी सर्टिफिकेट की फीस देनी पड़ेगी। इमरजेंसी लोन भी मिल सकता है जो वापसी पर चुकाना होता है।
क्या ट्रेवल के बाकी दिन सेफ रह सकते हैं?
हां, एहतियात बरतें। पैसे अलग-अलग जगह रखें, कम कैश साथ लेकर निकलें, और भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें। डे टूर्स कैंसल करके होटल के आसपास ही घूमें।