विदेश में मेडिकल इमरजेंसी का सामना कैसे करें

विदेश में मेडिकल इमरजेंसी के दौरान पहले स्थानीय इमरजेंसी नंबर (112, 911, या देश-विशिष्ट) पर कॉल करें। अपने यात्रा बीमा कंपनी को तुरंत सूचित करें और महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों की कॉपी हमेशा साथ रखें।

  1. तत्काल सहायता के लिए कॉल करें. स्थानीय इमरजेंसी नंबर डायल करें। यूरोप में 112, अमेरिका में 911, ऑस्ट्रेलिया में 000। यदि भाषा की समस्या हो तो 'English' या 'Hindi' कहें।
  2. यात्रा बीमा कंपनी को सूचित करें. अपनी पॉलिसी में दिए गए 24/7 हेल्पलाइन पर कॉल करें। केस नंबर नोट करें और सभी मेडिकल खर्च की रसीदें संभालकर रखें।
  3. दस्तावेज़ तैयार रखें. पासपोर्ट, बीमा कार्ड, इमरजेंसी कॉन्टैक्ट लिस्ट और दवाओं की सूची डॉक्टर को दिखाएं। यदि भाषा समस्या हो तो ट्रांसलेशन ऐप का इस्तेमाल करें।
  4. भारतीय दूतावास से संपर्क करें. गंभीर केस में निकटतम भारतीय दूतावास या कॉन्सुलेट से संपर्क करें। वे मेडिकल सुविधा खोजने और परिवार को सूचित करने में मदद करेंगे।
  5. वापसी की तैयारी. यदि देश छोड़ना हो तो फिट-टू-फ्लाई सर्टिफिकेट लें। मेडिकल रिपोर्ट्स की कॉपी भारत लाने के लिए संभालकर रखें।
क्या भारतीय दवाएं विदेश में मिलेंगी?
सभी भारतीय दवाएं नहीं मिलतीं। जेनेरिक नाम लिखकर ले जाएं। डॉक्टर को दिखाकर equivalent medicine मांगें। क्रॉनिक बीमारी की दवा अतिरिक्त मात्रा में ले जाना जरूरी है।
यात्रा बीमा claim कैसे करें?
सभी मेडिकल बिल्स, डॉक्टर रिपोर्ट्स, पॉलिस रिपोर्ट (यदि एक्सीडेंट हो) की ओरिजिनल कॉपी रखें। 30 दिन के अंदर claim form भरकर documents के साथ भेजें। Cashless treatment की सुविधा भी है।
भाषा की समस्या कैसे हल करें?
Google Translate app offline mode में download करें। 'I need a doctor' का स्थानीय भाषा में translation लिखकर रखें। दूतावास में हिंदी बोलने वाले स्टाफ होते हैं जो phone पर translation में help कर सकते हैं।