विदेश में मच्छर और उष्णकटिबंधीय कीड़ों से कैसे निपटें

उष्णकटिबंधीय देशों में मच्छर और कीड़े गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। सफर से पहले रिपेलेंट, उचित कपड़े और जरूरी दवाएं तैयार करें। शाम-सुबह के समय विशेष सावधानी बरतें जब मच्छर सबसे ज्यादा सक्रिय होते हैं।

  1. यात्रा से 6-8 सप्ताह पहले डॉक्टर से मिलें. मलेरिया की गोलियां, डेंगू के लक्षण और स्थानीय बीमारियों की जानकारी लें। येलो फीवर का टीका जरूरी हो सकता है।
  2. DEET 30-50% वाला रिपेलेंट खरीदें. ऑल आउट, गुडनाइट या मॉर्टीन जैसे भारतीय ब्रांड काम नहीं करेंगे। Jungle Formula या Repel जैसे इंटरनेशनल ब्रांड लें।
  3. पूरे बाजू और पैर ढकने वाले कपड़े पैक करें. शाम 6 बजे के बाद फुल पैंट और शर्ट पहनें। हल्के रंग के कपड़े चुनें - मच्छर गहरे रंग की तरफ आकर्षित होते हैं।
  4. परमेथ्रिन स्प्रे से कपड़ों का इलाज करें. सफर से एक दिन पहले अपने कपड़ों पर परमेथ्रिन स्प्रे करें और सुखाएं। यह 6 धुलाई तक असर करता है।
  5. कमरे में मॉस्किटो नेट का इस्तेमाल करें. होटल में AC चालू रखें - मच्छर ठंड में कम सक्रिय होते हैं। खुली खिड़कियों से बचें।
  6. काटने पर तुरंत साफ करें. डेटॉल या साबुन से धोएं, बर्फ लगाएं। खुजाने से बचें - इन्फेक्शन हो सकता है।
क्या नींबू, लहसुन जैसे देसी नुस्खे काम करते हैं?
नहीं। केवल DEET या पिकारिडिन जैसे साबित रसायन ही डेंगू-मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों से बचा सकते हैं। देसी उपाय जोखिम भरे हैं।
मच्छर काटने के बाद कैसे पता करूं कि यह मलेरिया या डेंगू है?
2-7 दिन बाद तेज बुखार, ठंड लगना या सिरदर्द हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। घर पर इंतजार न करें - ये बीमारियां जल्दी गंभीर हो जाती हैं।
क्या वैक्सीन लगवाना जरूरी है?
येलो फीवर के अलावा मच्छरों की बीमारियों की कोई वैक्सीन नहीं। मलेरिया की गोलियां जरूर लें अगर आप अफ्रीका या एशिया के जोखिम वाले इलाकों में जा रहे हैं।