यात्रा के दौरान ऊंचाई की बीमारी से कैसे निपटें

ऊंचाई की बीमारी से बचने के लिए धीरे-धीरे चढ़ाई करें, भरपूर पानी पिएं और तुरंत लक्षण दिखने पर नीचे उतरें। 2400 मीटर से ऊपर जाने पर हर दिन 300-600 मीटर से अधिक की चढ़ाई न करें।

  1. यात्रा से पहले शारीरिक तैयारी करें. यात्रा से 4-6 सप्ताह पहले नियमित कार्डियो एक्सरसाइज शुरू करें। रोज़ाना 30-45 मिनट दौड़ना, साइकिल चलाना या तेज़ चलना करें। धूम्रपान छोड़ें और शराब कम करें।
  2. धीरे-धीरे ऊंचाई बढ़ाएं. 2400 मीटर से ऊपर जाने पर हर रात 300-600 मीटर से अधिक ऊपर न सोएं। 'चढ़ो ऊंचे, सोओ नीचे' के नियम को फॉलो करें। दिन में ऊंचाई पर जा सकते हैं लेकिन रात नीचे सोएं।
  3. भरपूर पानी पिएं और सही खाना खाएं. रोज़ाना कम से कम 3-4 लीटर पानी पिएं। कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन (70% कैलोरी) लें। चावल, दाल, रोटी, दलिया पर फोकस करें। शराब और कैफीन से बचें।
  4. लक्षणों को पहचानें. सिरदर्द, जी मिचलाना, उल्टी, चक्कर आना, कमज़ोरी, नींद न आना - ये शुरुआती लक्षण हैं। सांस लेने में तकलीफ़, खांसी, चलने में दिक्कत - ये गंभीर लक्षण हैं जिनपर तुरंत कार्रवाई चाहिए।
  5. तुरंत नीचे उतरें अगर लक्षण बिगड़ें. गंभीर लक्षण दिखने पर तुरंत 500-1000 मीटर नीचे उतरें। रात का इंतज़ार न करें। दिमागी या फेफड़ों की सूजन जानलेवा हो सकती है। Diamox (125-250mg दिन में दो बार) डॉक्टर की सलाह पर ले सकते हैं।
क्या Diamox लेना ज़रूरी है?
ज़रूरी नहीं लेकिन मददगार है। पहली बार ऊंचाई पर जाने वालों और जल्दी चढ़ने वालों के लिए फायदेमंद। डॉक्टर की सलाह लें। कुछ लोगों को साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं।
कितनी ऊंचाई से altitude sickness होती है?
आमतौर पर 2400 मीटर (8000 फीट) से ऊपर। लेकिन कुछ लोगों को 1800-2000 मीटर पर भी हो सकती है। व्यक्तिगत fitness और genetics का बड़ा रोल है।
बच्चों और बुजुर्गों को अलग सावधानी चाहिए?
हां। 6 साल से कम बच्चे लक्षण बता नहीं पाते, इसलिए खास ध्यान दें। 65+ उम्र के लोगों को heart problems हो सकती हैं। दोनों के लिए डॉक्टर की सलाह लेना ज़रूरी है।
क्या physical fitness से altitude sickness को रोका जा सकता है?
नहीं पूरी तरह। Fit लोगों को भी हो सकती है। लेकिन अच्छी fitness से recovery fast होती है और शरीर बेहतर cope करता है। तैयारी ज़रूर करें लेकिन overconfident न हों।