ठंड के मौसम में यात्रा के लिए सामान कैसे पैक करें

ठंड में यात्रा के लिए लेयरिंग का सिद्धांत अपनाएं - अंदर से मेरिनो वूल, बीच में इंसुलेशन और बाहर वाटरप्रूफ जैकेट रखें। हाथ-पैर गर्म रखना सबसे जरूरी है। हमेशा एक्सट्रा जुराबें और दस्ताने पैक करें।

  1. बेस लेयर चुनें. मेरिनो वूल के अंडरवियर और टी-शर्ट पैक करें। कॉटन बिल्कुल ना लें - ये पसीना सोखकर ठंड बढ़ाता है। प्रति दिन के लिए एक सेट रखें।
  2. मिड लेयर तैयार करें. फ्लीस जैकेट या डाउन वेस्ट पैक करें। डाउन ज्यादा गर्म होता है लेकिन भीगने पर बेकार। फ्लीस भीगने पर भी गर्म रखता है।
  3. आउटर शेल लें. वाटरप्रूफ और विंडप्रूफ जैकेट जरूरी है। गोर-टेक्स या इसी तरह का फैब्रिक लें। हुड वाला जैकेट बेहतर रहता है।
  4. पैरों की सुरक्षा. वाटरप्रूफ बूट्स - कम से कम -20°C तक के रेटिंग वाले। वूलन सॉक्स 4-5 जोड़े पैक करें। गर्म पैंट्स या थर्मल लेगिंग्स लें।
  5. हाथ और सिर ढकें. वाटरप्रूफ दस्ताने, अंदर लगाने वाले पतले ग्लव्स, वूल की टोपी, और गर्दन के लिए स्कार्फ या बलाक्लावा पैक करें।
  6. एक्सेसरीज़ जोड़ें. धूप के चश्मे (बर्फ की चकाचौंध से बचने के लिए), लिप बाम, मॉइस्चराइजर, और हैंड वार्मर पैकेट्स लें।
कितने कपड़े पैक करने चाहिए?
लेयरिंग सिस्टम से कम कपड़ों में काम चल जाता है। 7 दिन की ट्रिप के लिए 3-4 बेस लेयर, 1-2 मिड लेयर और 1 आउटर शेल काफी है। रोज़ाना धोना जरूरी नहीं।
डाउन जैकेट या सिंथेटिक?
डाउन ज्यादा गर्म और कम वजन में आता है, लेकिन भीगने पर बेकार। भारत में बारिश और नमी ज्यादा है, इसलिए सिंथेटिक बेहतर विकल्प है नए ट्रेवलर्स के लिए।
जूते कैसे चुनें?
साइज़ में थोड़े बड़े लें ताकि गर्म सॉक्स पहन सकें। वाटरप्रूफ जरूरी है। ट्रेकिंग के लिए एंकल सपोर्ट वाले हाई-टॉप बूट्स लें। पहले से पहनकर तोड़ लें।
क्या कॉटन के कपड़े पहन सकते हैं?
कभी नहीं। कॉटन पसीना सोखकर ठंडा रह जाता है और हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ाता है। हमेशा वूल या सिंथेटिक मैटेरियल ही पहनें।