दिव्यांगता के साथ यात्रा कैसे करें
दिव्यांगता के साथ यात्रा करना पूरी तरह संभव है। सबसे महत्वपूर्ण बात है अच्छी योजना बनाना, सही दस्तावेज तैयार करना और अपनी जरूरतों के बारे में पहले से बात करना।
- डॉक्टर से सर्टिफिकेट लें. यात्रा से 2 सप्ताह पहले डॉक्टर से मेडिकल सर्टिफिकेट और दवाओं की लिस्ट लिखवाएं। इसमें आपकी स्थिति और जरूरी सहायता का विवरण हो।
- एयरलाइन को 48 घंटे पहले बताएं. व्हीलचेयर, विशेष सीट या अन्य सहायता के लिए एयरलाइन को कम से कम 48 घंटे पहले फोन करें। IATA कोड WCHR, WCHC या WCHS बताएं।
- होटल की सुविधाएं चेक करें. बुकिंग से पहले होटल से पूछें: क्या लिफ्ट है? बाथरूम में रैंप है? बेड की ऊंचाई कितनी है? व्हीलचेयर एक्सेसिबल रूम उपलब्ध है?
- ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था करें. एयरपोर्ट से होटल तक प्री-पेड टैक्सी या उबर एक्सेस बुक करें। सामान्य टैक्सी में व्हीलचेयर या वॉकर रखने में दिक्कत हो सकती है।
- दवाएं और उपकरण पैक करें. दवाएं डबल मात्रा में लें। व्हीलचेयर, वॉकर या अन्य उपकरणों के लिए एयरलाइन से पूछें - ये फ्री में कैरी किए जा सकते हैं।
- इमरजेंसी कॉन्टैक्ट रखें. गंतव्य पर डॉक्टर, अस्पताल और इमरजेंसी सर्विसेज के नंबर सेव करें। भारत से बाहर जाने पर भारतीय एंबेसी का नंबर भी रखें।
- एयरलाइन में व्हीलचेयर फ्री है?
- हां, सभी एयरलाइंस में व्हीलचेयर असिस्टेंस बिल्कुल फ्री है। बस 48 घंटे पहले बुकिंग में रिक्वेस्ट करना जरूरी है।
- दवाएं सिक्योरिटी चेक में रुक जाएंगी?
- नहीं, डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के साथ दवाएं कैरी कर सकते हैं। लिक्विड मेडिसिन के लिए अलग से चेकिंग होगी।
- होटल में एक्सेसिबल रूम महंगे होते हैं?
- नहीं, एक्सेसिबल रूम की कीमत सामान्य रूम जितनी ही होती है। बस पहले से बुक करना जरूरी है क्योंकि संख्या कम होती है।