गर्भावस्था में यात्रा की योजना कैसे बनाएं
गर्भावस्था में यात्रा की योजना बनाते समय डॉक्टर की सलाह लें, दूसरी तिमाही (14-28 सप्ताह) सबसे अच्छा समय है। मेडिकल रिकॉर्ड साथ रखें और लचीली बुकिंग करें।
- डॉक्टर से अनुमति लें. यात्रा से कम से कम 2 सप्ताह पहले अपने स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलें। अपने गर्भावस्था चार्ट और कोई भी जटिलताओं के बारे में चर्चा करें।
- सही समय चुनें. दूसरी तिमाही (14-28 सप्ताह) सबसे सुरक्षित मानी जाती है। पहली तिमाही में मॉर्निंग सिकनेस और तीसरी तिमाही में असहजता अधिक होती है।
- गंतव्य स्थान का चयन करें. अच्छी मेडिकल सुविधा वाले स्थान चुनें। मलेरिया या जीका वायरस वाले क्षेत्रों से बचें। 2500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले स्थानों से बचें।
- ट्रैवल इंश्योरेंस लें. प्रेग्नेंसी कवर करने वाला ट्रैवल इंश्योरेंस जरूर लें। पॉलिसी में मैटर्निटी और इमरजेंसी कवरेज देखें। प्रीमियम ₹3,000-8,000 प्रति व्यक्ति हो सकता है।
- मेडिकल किट तैयार करें. प्रीनेटल विटामिन, मॉर्निंग सिकनेस की दवा, और डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं पैक करें। मेडिकल सर्टिफिकेट और अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट साथ रखें।
- कम्फर्टेबल यात्रा की व्यवस्था करें. एयरलाइन का प्रेग्नेंसी पॉलिसी चेक करें। 36 सप्ताह के बाद अधिकतर एयरलाइन्स मेडिकल क्लियरेंस मांगती हैं। ऐसल सीट बुक करें और हर 1-2 घंटे में चलते रहें।
- हवाई यात्रा कब तक सुरक्षित है?
- अधिकतर एयरलाइन्स 36 सप्ताह तक बिना मेडिकल क्लियरेंस के फ्लाइट की अनुमति देती हैं। 28 सप्ताह के बाद डॉक्टर का सर्टिफिकेट साथ रखना बेहतर है।
- गर्भावस्था में कौन से टीके लगवा सकते हैं?
- हेपेटाइटिस A, हेपेटाइटिस B और फ्लू का टीका सुरक्षित है। लाइव वैक्सीन जैसे MMR, चिकनपॉक्स से बचें। यलो फीवर वैक्सीन केवल जरूरी होने पर लगवाएं।
- यात्रा के दौरान मॉर्निंग सिकनेस से कैसे बचें?
- यात्रा से पहले हल्का खाना लें। अदरक की चाय या अदरक की गोली साथ रखें। खाली पेट न रहें और हर 2 घंटे में कुछ न कुछ खाते रहें।