ग्रेजुएशन के बाद विदेश यात्रा की योजना कैसे बनाएं

ग्रेजुएशन ट्रिप के लिए 6-8 महीने पहले से तैयारी शुरू करें। बजट तय करें, दोस्तों के साथ मिलकर डेस्टिनेशन चुनें और वीज़ा प्रक्रिया जल्दी शुरू करें।

  1. टीम बनाएं और बजट तय करें. 4-6 दोस्तों का ग्रुप बनाएं। हर व्यक्ति का अधिकतम बजट पूछें - फ्लाइट, होटल, खाना, शॉपिंग सब मिलाकर। सबसे कम बजट वाले व्यक्ति के हिसाब से प्लान करें।
  2. डेस्टिनेशन चुनें. ग्रुप बजट के हिसाब से देश चुनें। थाईलैंड/वियतनाम - ₹40,000, दुबई/सिंगापुर - ₹60,000, यूरोप - ₹80,000। वीज़ा की आसानी भी देखें।
  3. फ्लाइट्स बुक करें. 3-4 महीने पहले बुक करें। Skyscanner या MakeMyTrip पर कंपेयर करें। मिड-वीक फ्लाइट्स सस्ती होती हैं। डायरेक्ट फ्लाइट बुक करने की कोशिश करें।
  4. वीज़ा अप्लाई करें. फ्लाइट बुकिंग के तुरंत बाद वीज़ा अप्लाई करें। सभी दोस्तों के डॉक्यूमेंट्स एक साथ तैयार करें। ग्रुप वीज़ा अप्लाई करें यदि संभव हो।
  5. एकोमोडेशन बुक करें. हॉस्टल में डॉर्म बेड बुक करें या Airbnb पर ग्रुप के लिए अपार्टमेंट लें। सिटी सेंटर के पास रहें, ट्रांसपोर्ट कॉस्ट बचेगी।
  6. लोकल ट्रांसपोर्ट प्लान करें. मेट्रो पास, बस पास या उबर का बजट रखें। वॉकिंग टूर्स बुक करें, सबसे सस्ते होते हैं। ग्रुप टैक्सी शेयर करें।
  7. इंश्योरेंस और इमरजेंसी प्लान. ट्रैवल इंश्योरेंस ज़रूर लें - ₹800-1500 प्रति व्यक्ति। इंडियन एंबेसी का नंबर सेव करें। पैरेंट्स को पूरा इटिनेररी शेयर करें।
अगर पैरेंट्स पैसे नहीं दे रहे तो क्या करूं?
पार्ट-टाइम जॉब करके 6-8 महीने में पैसे जमा करें। फ्रीलांसिंग, ट्यूशन, या छोटे बिज़नेस शुरू करें। दोस्तों के साथ कॉस्ट शेयर करें।
वीज़ा रिजेक्ट हो जाए तो?
दूसरा देश चुनें जहां वीज़ा आसान मिले - नेपाल, श्रीलंका, मॉरीशस। या वीज़ा-फ्री देश जैसे भूटान चुनें।
ग्रुप में फाइट हो जाए तो कैसे हैंडल करूं?
पहले से ग्रुप रूल्स बना लें - बजट, टाइमिंग, एक्टिविटीज़ के बारे में। एक व्यक्ति को ग्रुप लीडर बनाएं जो फाइनल डिसिज़न ले सके।