ट्रेकिंग के लिए सामान कैसे पैक करें

ट्रेकिंग के लिए पैकिंग का मतलब है जरूरी चीजों को हल्के और व्यवस्थित तरीके से रखना। मौसम के अनुसार कपड़े, सुरक्षा का सामान, और खाना-पानी सबसे जरूरी हैं।

  1. बैग का चुनाव. 40-60 लीटर का रकसैक लें। वजन 2 किलो से ज्यादा न हो। कमर और छाती की पट्टी वाला हो।
  2. कपड़ों की लेयरिंग. बेस लेयर (सूती या सिंथेटिक), इंसुलेशन लेयर (फ्लीस या जैकेट), और आउटर शेल (रेन जैकेट) पैक करें।
  3. जूते और मोजे. ट्रेकिंग बूट्स (पहले से टूटे हुए), 2-3 जोड़ी मोजे (मेरिनो वूल या सिंथेटिक), और एक जोड़ी हल्के सैंडल।
  4. सुरक्षा का सामान. हेडलैम्प और एक्स्ट्रा बैटरी, फर्स्ट एड किट, व्हिसल, नाइफ या मल्टी-टूल, और इमरजेंसी ब्लैंकेट।
  5. पानी और खाना. प्रति दिन 2-3 लीटर पानी, वाटर प्यूरीफिकेशन टैबलेट, ड्राई फ्रूट्स, एनर्जी बार, और मैगी या दाल-चावल।
  6. वजन का बंटवारा. भारी सामान पीठ के पास, हल्का सामान ऊपर-नीचे रखें। टोटल वजन शरीर के वजन का 20% से ज्यादा न हो।
बैग का वजन कितना होना चाहिए?
शरीर के वजन का 20% से ज्यादा नहीं। 60 किलो वजन है तो बैग 12 किलो से ज्यादा न हो।
कॉटन के कपड़े पहन सकते हैं?
बिल्कुल नहीं। कॉटन पसीना सोखकर सुखता नहीं। सर्दी लग सकती है। पॉलिएस्टर या मेरिनो वूल इस्तेमाल करें।
नए जूते पहनकर जा सकते हैं?
कभी नहीं। छाले हो जाएंगे। कम से कम 2-3 हफ्ते पहले से जूते पहनकर टूटवाएं।