विदेश में ट्रेकिंग के लिए सामान कैसे पैक करें

विदेशी ट्रेकिंग के लिए पैकिंग करते समय मौसम, ऊंचाई और एयरलाइन के नियमों का ध्यान रखें। हल्का लेकिन टिकाऊ सामान चुनें और स्थानीय रूप से न मिलने वाली चीजें भारत से ही ले जाएं।

  1. गंतव्य और मौसम की जांच करें. ट्रेक की तारीख, ऊंचाई और अपेक्षित तापमान की जांच करें। वेदर फोरकास्ट देखें और स्थानीय गाइड्स से बात करें। अगर हिमालय जैसी ऊंची जगह जा रहे हैं तो -20°C तक की तैयारी करें।
  2. बैकपैक और वजन की योजना. 40-50 लीटर का बैकपैक चुनें। कुल वजन अपने शरीर के वजन का 15-20% से ज्यादा न हो। अगर आपका वजन 70 किलो है तो 10-14 किलो से ज्यादा न पैक करें।
  3. कपड़े लेयरिंग सिस्टम में पैक करें. बेस लेयर (थर्मल), इंसुलेशन लेयर (फ्लीस), और शेल जैकेट (विंडप्रूफ/वाटरप्रूफ) लें। कॉटन से बचें, मेरिनो वूल या सिंथेटिक फैब्रिक चुनें। 3-4 सेट अंडरवियर और 2 पैंट काफी हैं।
  4. एयरलाइन रूल्स चेक करें. ट्रेकिंग पोल्स और आइस एक्स को चेक-इन बैगेज में रखें। लिथियम बैटरीज हैंड बैगेज में रखें। गैस कैनिस्टर एयरप्लेन में नहीं ले जा सकते - वहीं खरीदें।
  5. दवाई और इमरजेंसी किट. AMS (एल्टिट्यूड सिकनेस) की दवाई, पेन किलर, डायरिया की दवाई और बैंड-एड पैक करें। अपनी रेगुलर दवाइयां एक्स्ट्रा मात्रा में लें। प्रिस्क्रिप्शन की कॉपी साथ रखें।
  6. इलेक्ट्रॉनिक्स और पावर. पावर बैंक (20,000mAh), हेडलैम्प, GPS डिवाइस और कैमरा पैक करें। यूनिवर्सल एडाप्टर और एक्स्ट्रा केबल्स लें। सब कुछ वाटरप्रूफ बैग में रखें।
क्या मैं भारत में मिलने वाले गियर से काम चला सकता हूं?
हां, डेकाथलॉन और क्वेचुआ के गियर अच्छे हैं। महंगे ब्रांड्स जरूरी नहीं। बेसिक रूल: अगर हिमाचल की ट्रेकिंग में काम आया है तो विदेश में भी चलेगा।
सबसे जरूरी चीज कौन सी है जो भूलना नहीं चाहिए?
अच्छे ट्रेकिंग जूते और रेन गियर। ये दो चीजें सबसे इंपॉर्टेंट हैं। बाकी सब कुछ वहां भी मैनेज हो जाता है लेकिन ये नहीं।
कितने दिन पहले पैकिंग करूं?
2-3 दिन पहले सब कुछ लेकर एक ट्रायल पैक करें। वजन चेक करें और जरूरी चीजों की लिस्ट बनाएं। ट्रैवल के दिन तनाव न लें।