दीर्घकालिक बीमारी के साथ यात्रा कैसे करें

दीर्घकालिक बीमारी के साथ यात्रा संभव है यदि आप पहले से योजना बनाएं। अपनी दवाइयों की दोगुनी मात्रा पैक करें, डॉक्टर से यात्रा के लिए फिट होने का प्रमाण पत्र लें, और अपनी जरूरतों के अनुसार यात्रा की गति तय करें।

  1. डॉक्टर से सलाह लें. यात्रा से 4-6 हफ्ते पहले अपने डॉक्टर से मिलें। फिटनेस सर्टिफिकेट, दवाइयों की लिस्ट (अंग्रेजी में भी), और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट की जानकारी लें।
  2. दवाइयों की व्यवस्था करें. अपनी सभी दवाइयां दोगुनी मात्रा में पैक करें - आधी हैंड बैग में और आधी चेक-इन बैगेज में। मूल पैकेजिंग में रखें और प्रिस्क्रिप्शन की कॉपी साथ रखें।
  3. इंश्योरेंस की जांच करें. ऐसा ट्रैवल इंश्योरेंस लें जो आपकी मौजूदा बीमारी को कवर करे। ICICI Lombard और Bajaj Allianz जैसी कंपनियां प्री-एक्जिस्टिंग कंडीशन कवर करती हैं।
  4. आरामदायक यात्रा की योजना बनाएं. लंबी उड़ानों के लिए aisle seat बुक करें। ट्रेन में AC 2-tier या 1AC लें। हर 2-3 घंटे में रुकने की योजना बनाएं।
  5. स्थानीय मेडिकल सुविधाओं की जानकारी रखें. गंतव्य स्थान के पास अच्छे अस्पतालों की लिस्ट बनाएं। स्थानीय इमरजेंसी नंबर (जैसे 108) और अपने दूतावास की संपर्क जानकारी नोट करें।
क्या हवाई जहाज में दवाइयां ले जा सकते हैं?
हां, मूल पैकेजिंग में दवाइयां ले जा सकते हैं। तरल दवाओं के लिए डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन दिखाना पड़ सकता है। इंजेक्शन के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट जरूरी है।
अगर यात्रा के दौरान तबीयत खराब हो जाए तो?
तुरंत स्थानीय इमरजेंसी नंबर डायल करें। अपने इंश्योरेंस कंपनी को भी सूचित करें। अपनी मेडिकल हिस्ट्री की कॉपी हमेशा साथ रखें।
किन देशों में जाना सबसे सुरक्षित है?
सिंगापुर, जापान, स्विट्जरलैंड जैसे देश अच्छी मेडिकल फैसिलिटी के लिए जाने जाते हैं। भाषा की समस्या न हो ऐसी जगह चुनें।