जानबूझकर लेयओवर वाली फ्लाइट कैसे बुक करें

लेयओवर वाली फ्लाइट बुक करने के लिए मल्टी-सिटी सर्च का इस्तेमाल करें या अलग-अलग टिकट बुक करें। यह सीधी फ्लाइट से 30-50% तक सस्ता हो सकता है। न्यूनतम 3-4 घंटे का लेयओवर रखें।

  1. मल्टी-सिटी ऑप्शन चुनें. Google Flights, Expedia या अपनी एयरलाइन की वेबसाइट पर 'Multi-city' या 'Multiple destinations' ऑप्शन सेलेक्ट करें। यह आपको अलग-अलग शहरों में रुकने की सुविधा देता है।
  2. लेयओवर शहर और समय तय करें. अपने मुख्य गंतव्य के रास्ते में आने वाले शहरों की लिस्ट बनाएं। दुबई, सिंगापुर, इस्तांबुल, दोहा जैसे हब एयरपोर्ट अच्छे विकल्प हैं। कम से कम 6-8 घंटे का लेयओवर रखें।
  3. अलग-अलग फ्लाइट्स की तुलना करें. पहले मल्टी-सिटी टिकट की कीमत चेक करें, फिर अलग-अलग टिकट बुक करने की कीमत देखें। कभी-कभी अलग टिकट सस्ते होते हैं लेकिन रिस्क ज्यादा होता है।
  4. वीज़ा और एयरपोर्ट नियम चेक करें. लेयओवर शहर के लिए ट्रांजिट वीज़ा या वीज़ा फ्री एंट्री के नियम चेक करें। कुछ देश 24 घंटे से कम स्टे के लिए वीज़ा फ्री एंट्री देते हैं।
  5. बगेज पॉलिसी समझें. पता करें कि आपका सामान सीधे फाइनल डेस्टिनेशन तक जाएगा या लेयओवर में निकालना होगा। अलग टिकट में हमेशा सामान निकालना पड़ता है।
  6. बैकअप प्लान रखें. अगर पहली फ्लाइट डिले हो तो दूसरी मिस न हो जाए। कम से कम 3-4 घंटे का गैप रखें। अगर अलग टिकट हैं तो 6-8 घंटे रखें।
अगर पहली फ्लाइट लेट हो और दूसरी मिस हो जाए तो क्या करें?
अगर दोनों टिकट एक ही बुकिंग में हैं तो एयरलाइन दूसरी फ्लाइट फ्री में देगी। अलग टिकट हैं तो आपको नई टिकट खुद खरीदनी पड़ेगी। इसलिए कम से कम 6 घंटे का गैप रखें।
कौन से एयरपोर्ट लेयओवर के लिए सबसे अच्छे हैं?
भारतीयों के लिए सिंगापुर चांगी, दुबई, दोहा, इस्तांबुल, और कुआलालंपुर सबसे अच्छे हैं। ये वीज़ा फ्री या आसान वीज़ा देते हैं और शहर एयरपोर्ट के पास है।
लेयओवर में सामान कहां रहता है?
अगर दोनों फ्लाइट एक ही टिकट में बुक हैं तो सामान अपने आप ट्रांसफर हो जाता है। अलग टिकट में आपको सामान निकालकर फिर से चेक इन करना पड़ता है।